गणतंत्र दिवस समारोह पर सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री इंद्रजीत सरकारी कार्यक्रम में नहीं फहराएंगे झंडा, सरकारी सर्कुलर विवादों में

चंडीगढ़, 24 जनवरी ( धमीजा ) : गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) पर हरियाणा में जगह-जगह होने वाले तिरंगा फहराने वाले कार्यक्रम की लिस्ट से गुरुग्राम से भाजपा सांसद एवं केंद्रीय गृहमंत्री राव इंद्रजीत सिंह का नाम गायब है। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में भाजपा के सभी लोकसभा व राज्यसभा सांसदों और मंत्रियों की जिम्मेदारी सौंपी है लेकिन राव इंदरजीत अकेले ऐसे भाजपा सांसद व केंद्रीय मंत्री जो इससे वंचित रहेंगे। वहीं हरियाणा में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर जारी किए गए सरकारी सर्कुलर एक नए कानूनी विवाद में फंस गए हैं। मुख्य विवाद ‘ध्वजारोहण’ (Flag Hoisting) और ‘ध्वज फहराने’ (Flag Unfurling) के तकनीकी अंतर को लेकर है। हाई कोर्ट के वकील हेमंत कुमार ने इस मुद्दे को लेकर हरियाणा के राज्यपाल तथा सीएम को लिखित में ऐतराज जताया है।  

गणतंत्र दिवस पर झंडा फहराने के लिए 19 जनवरी को जारी हुई पहली लिस्ट में भी राव इंदरजीत का नाम नहीं था। शनिवार को जारी हुई संशोधित लिस्ट में भी उनका नाम शामिल नहीं हुआ। इस मामले में राव इंद्रजीत के ऑफिस की तरफ से कहा गया कि उन्हें तिरंगा फहराने को लेकर कॉल आई थी, लेकिन राव के पहले ही दिल्ली में प्रोग्राम तय हैं।

राव इंद्रजीत के राजनैतिक विरोधी नरबीर सिंह नारनौल में फहराएंगे झंडा 

वहीं राव के धुरविरोधी कहे जाने वाले कैबिनेट मंत्री नारनौल में ध्वज फहराएंगे। पिछले दिनों राव इंद्रजीत सिंह और मंत्री राव नरबीर सिंह में जुबानी जंग हुई थी। राव नरबीर ने तो एक कार्यक्रम में यहां तक कह दिया था कि मैं खिलाफत करता तो राव इंद्रजीत इस बार गुरुग्राम लोकसभा सीट से चुनाव नहीं जीत पाते। वहीं राव इंद्रजीत ने भी यह कहा था कि राव नरबीर सिंह भ्रष्टाचार के आरोपों में 55 दिन जेल में रहा है। उसे दूसरों के बारे में बोलने का हक नहीं है।

मनोहर लाल खट्टर सहित अन्य सांसद यहां यहां फहराएंगे झंडा   

  प्रदेश सरकार की लिस्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर हांसी और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर पलवल में झंडा फहराएंगे। भिवानी-महेंद्रगढ़ से सांसद धर्मबीर सिंह चरखी दादरी, कुरुक्षेत्र से सांसद नवीन जिंदल कैथल, राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा अंबाला, राज्यसभा सांसद सुभाष बराला नूंह, राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा बादली, राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा बराड़ा और राज्यसभा सांसद किरण चौधरी तोशाम में झंडा फहराएंगी।

वहीं रेवाड़ी में मंत्री गौरव गौतम, कोसली में विधायक अनिल यादव और बावल में डॉ. कृष्ण कुमार मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री नायब सैनी गुरुग्राम और राज्यपाल असीम घोष पंचकूला में झंडा फहराएंगे।

नायब सरकार ने श्रुति को जींद में झंडा फहराने की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं किरण चौधरी तोशाम में मौजूद रहेंगी। कार्तिकेय शर्मा और रामचंद्र जांगड़ा को भी अपने गृह जिलों में जिम्मेदारी मिली है।

दिल्ली के लालकिले के कार्यक्रम में पहुंचेंगे इंद्रजीत 

 राव इंद्रजीत सिंह के ऑफिस की तरफ जारी बयान में बताया गया कि पहली लिस्ट में उनका नाम नहीं आया था। जिसके बाद उन्होंने दिल्ली में लालकिले के कार्यक्रम को कंफर्म कर दिया। संशोधित लिस्ट जारी करने से पहले चंडीगढ़ CMO से फोन आया था] लेकिन उनका दिल्ली का कार्यक्रम पहले से ही कंफर्म था।

 गणतंत्र दिवस के सरकारी सर्कुलर को लेकर विवाद, सीएम व राज्यपाल के दरबार में मामला 

हरियाणा में 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर जारी किए गए सरकारी सर्कुलर एक नए कानूनी विवाद में फंस गए हैं। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के वकील हेमंत कुमार ने राज्यपाल असीम घोष और मुख्यमंत्री नायब सैनी को लिखित शिकायत भेजकर 19 और 23 जनवरी को जारी सर्कुलर की शब्दावली पर गंभीर आपत्ति जताई है। 

इसमें मुख्य विवाद ‘ध्वजारोहण’ (Flag Hoisting) और ‘ध्वज फहराने’ (Flag Unfurling) के तकनीकी अंतर को लेकर है। शिकायतकर्ता का तर्क है कि सरकार ने गणतंत्र दिवस के लिए जारी आधिकारिक पत्र में ‘ध्वजारोहण’ शब्द का उपयोग किया है, जो संवैधानिक रूप से केवल 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) के लिए आरक्षित है। इसके अलावा, राज्य-स्तरीय समारोह के आधिकारिक उल्लेख को लेकर भी सरकार की अधिसूचना पर सवाल उठाए गए हैं। 

शिकायतकर्ता वकील हेमंत कुमार ने प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए स्पष्ट किया है कि 26 जनवरी और 15 अगस्त के कार्यक्रमों में ध्वज फहराने की प्रक्रिया पूरी तरह अलग होती है। इसमें सरकार के सर्कुलर में दोनों शब्दों का घालमेल किया गया है, जिसे कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण बताया गया है।

ध्वजारोहण (Flag Hoisting): यह 15 अगस्त को होता है। इसमें तिरंगा नीचे से ऊपर की ओर खींचकर फहराया जाता है, जो देश की आजादी और नए उदय का प्रतीक है।

ध्वज फहराना (Flag Unfurling): यह 26 जनवरी को होता है। इसमें तिरंगा पोल के ऊपर ही बंधा होता है, जिसे खोलकर फहराया जाता है। यह इस बात का प्रतीक है कि भारत पहले से ही एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक गणतंत्र है।

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