36 बिरादरी ने पगड़ी पहनाकर किया सम्मान, युवाओं को दिया शिक्षा व नशामुक्ति का संदेश
नारनौंद, 12 मई : ( धमीजा ) : हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी एवं पूर्व आयुक्त व सचिव जयबीर सिंह आर्य के सेवानिवृत्त होने के बाद उनके पैतृक गांव मिर्चपुर
में भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। गांव की 36 बिरादरी ने उन्हें पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। समारोह में सामाजिक संगठनों, आर्य समाज प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, ग्रामीणों, युवाओं एवं बड़ी संख्या में गणमान्य लोगों ने भाग लिया।

समारोह के दौरान ग्राम पंचायत मिर्चपुर द्वारा हरियाणा सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों वित् विभाग के सचिव कैप्टन मनोज तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक यशेंद्र सिंह को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। दोनों अधिकारी विशेष रूप से चंडीगढ़ से अपने मित्र श्री आर्य का सम्मान करने एवं उन्हें शुभकामनाएं देने के लिए मिर्चपुर पहुंचे थे। ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों को पगड़ी, स्मृति चिन्ह एवं फूल-मालाएं भेंट कर सम्मान व्यक्त किया। ग्रामीणों ने कहा कि दोनों अधिकारी प्रदेश में ईमानदार, संवेदनशील एवं जनहितकारी प्रशासन के लिए जाने जाते हैं तथा समाज एवं युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।गांव पहुंचने पर बस स्टैंड पर हजारों ग्रामीणों ने फूल-मालाओं और जयघोष के साथ जयबीर सिंह आर्य का जोरदार स्वागत किया। इसके बाद खुली जीप में लगभग दो किलोमीटर लम्बी स्वागत यात्रा निकाली गई, जो बस स्टैंड से राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तक पहुंची। पूरे मार्ग में पुष्प वर्षा की गई और गांव उत्सवमय माहौल में डूबा नजर आया।
समारोह को संबोधित करते हुए जयबीर सिंह आर्य भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि गांव वासियों का यह सम्मान उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा कि गांव की 36 बिरादरी ने उन्हें जो स्नेह, सम्मान और विश्वास दिया है, उसकी गरिमा को वे जीवन भर बनाए रखेंगे।
उन्होंने अपनी जन्मभूमि को नमन करते हुए कहा, “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” अर्थात माता और जन्मभूमि स्वर्ग से भी महान हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में जो भी उपलब्धियां उन्हें मिलीं, उनकी जड़ें गांव के संस्कार, अनुशासन और संघर्ष में हैं।
स्वतंत्रता सेनानी वैद्य मुंशी राम आर्य को किया याद . श्री आर्य ने अपने पिता स्वतंत्रता सेनानी एवं समाज सुधारक स्वर्गीय वैद्य मुंशी राम आर्य को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि उनके पिता राष्ट्रभक्ति, गौ-सेवा, आर्य समाज और समाज सुधार के प्रेरणास्रोत थे।
