चंडीगढ़, 20 अप्रैल ( धमीजा ) : हरियाणा के पूर्व डिप्टी CM दुष्यंत चौटाला और CIA इंचार्ज के बीच हुए विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले के बाद प्रदेश के DGP ने दुष्यंत चौटाला का तीन दिन से फोन नहीं उठाया और ना ही उन्हें कोई रिस्पांस दिया। इसके बाद से मामला और गरमा रहा है। मामले को लेकर सोमवार को पंचकूला में जननायक जनता पार्टी (JJP) ने मीटिंग की। मीटिंग में फैसला हुआ कि 27 अप्रैल को हिसार में ‘छात्र हित महापंचायत’ की जाएगी।
दुष्यंत चौटाला ने कहा- इस पूरे मामले को लेकर मैंने DGP से कई बार संपर्क करने की कोशिश की। मैंने लगातार 3-4 दिन कॉल किए, जब बात नहीं हो पाई तो मैसेज भी किया, लेकिन जवाब देने के बजाय मेरा नंबर ब्लॉक कर दिया गया।
विवाद 17 अप्रैल को हिसार में हुआ था। दुष्यंत और दिग्विजय चौटाला GJU केस में गिरफ्तारी देने के लिए SP ऑफिस जा रहे थे। दुष्यंत ने आरोप लगाया कि रास्ते में CIA इंचार्ज पवन कुमार ने काफिला रोककर हथियार तान दिया और उन्हें गाड़ी से कुचलने की कोशिश की।

महापंचायत में छात्र, युवाओं व अन्य लोगों को आमंत्रण, पुलिस पर भड़के दुष्यंत
दुष्यंत चौटाला ने कहा, “हिसार में प्रस्तावित यह महापंचायत बड़े स्तर पर आयोजित की जाएगी, जिसमें छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। प्रदेश सरकार और पुलिस के डराने से हम बिल्कुल नहीं डरेंगे। हम लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे।”
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमारे 6 साथियों को बिना किसी नोटिस और वारंट के रात में गिरफ्तार किया गया। रात के समय उनके घरों से डीवीआर भी चोरी किए गए। एसपी के “गुंडे” सिर्फ शतरंज के प्यादे हैं और इसकी पूरी साजिश कहीं और रची गई है। रवि आहूजा को घर से गिरफ्तार करते समय वही डीएसपी मौजूद था, जिसके पास अब इस मामले की जांच सौंपी गई है।
यूनिवर्सिटी में भाजपा, आरएसएस व विहिप का अड्डा बनाया जा रहा – दुष्यंत चौटाला
दुष्यंत ने आरोप लगाया कि 17 अप्रैल को जब हम गिरफ्तारी देने जा रहे थे, तब बिजेंद्र की नाबालिग बेटी के पैर पर पैर रखकर सीसीटीवी कैमरा उतारा गया। घर से बाहर निकलते समय उसके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। इस मामले को लेकर एससी-एसटी आयोग में शिकायत की जाएगी। इसके साथ ही हिसार की एससी-एसटी की न्यायिक बेंच में भी केस दायर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जिस तरीक से CIA स्टाफ चलता है और उसकी रील्स डालता है, उसके खिलाफ भी काम किया जाएगा। यूनिवर्सिटी में भाजपा, RSS और विश्व हिंदू परिषद का अड्डा बनाया जा रहा था। 27 अप्रैल की महापंचायत में सभी लोग पार्टी से उठकर हिसार आएं। यह लड़ाई केवल जजपा की नहीं है, हर स्टूडेंट की है।
